चिंता
ईरानी संत चिंतित कि उन्हें भगवान कैसे मिलें !
समुद्र के किनारे छोटा बच्चा भी चिंतित कि समुद्र को प्याली में कैसे भरूँ !!
दोनों चिंतायें एक ही श्रेणी की हैं ।
मुनि श्री मंगलसागर जी
ईरानी संत चिंतित कि उन्हें भगवान कैसे मिलें !
समुद्र के किनारे छोटा बच्चा भी चिंतित कि समुद्र को प्याली में कैसे भरूँ !!
दोनों चिंतायें एक ही श्रेणी की हैं ।
मुनि श्री मंगलसागर जी
One Response
चिंता का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण हेतु कभी भी चिंता करना उचित नहीं है। जीवन में चिंता की अपेक्षा चिंतन करना परम आवश्यक है।