पुण्य क्रियायें
घना कोहरा पूरे दिन छाया रहा। सूरज भी पूरे दिन ताप देता रहा, फिर भी कोहरा कम न हुआ।
हमारी पुण्य क्रियायें भी ऐसी ही हैं। यदि पाप का कोहरा घना हो तो सूर्य के ताप की तरह लगेगा कि यह क्रियायें पाप को काट नहीं पा रही हैं,
पर ध्यान रहे…आज कोहरा नहीं हट पा रहा, लेकिन कल को कम घना, या नहीं रहेगा।
चिंतन




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पुण्य क़ियायें का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण हेतु पाप क़ियाये समाप्त करने पर ही पुण्य अर्जित करने में समर्थ हो सकतें हैं। पुण्य अर्जित होने पर उसको खर्च करने से बचना चाहिए बल्कि उसको त्याग करना परम आवश्यक है।