पूर्ण

सब अपनी-अपनी अपेक्षा से पूर्ण हैं जैसे पानी से भरी छोटी तथा बड़ी बाल्टियाँ।
छोटी बाल्टी में पानी और डालो तो पानी Waste ही होगा, पूर्णता बढ़ेगी नहीं, आपका पुरुषार्थ भी निरर्थक होगा।

चिंतन

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3 Responses

  1. पूर्ण का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है। जीवन के कल्याण हेतु धर्म मार्ग पर चलने पर पूर्णता के लिए निरन्तर पुरुषार्थ करना परम आवश्यक है। अतः पूर्णता के लिए धर्म में आध्यात्मिक क्षेत्र में पुरुषार्थ करना परम आवश्यक है।

    1. छोटी बाल्टी यानी कम क्षमता/ कम पात्रता। उसमें आप ज्यादा ऐड करोगे तो क्या होगा! वेस्टेज ऑफ़ एफर्ट होंगे फिर आपको इरिटेशन भी होगा सामने वाले को भी होगा।

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