Day: May 9, 2025
केवलज्ञान
May 9, 2025
केवलज्ञानी का देखना दर्पण में दिखनेे जैसा है। दर्पण में अगर मेरी इमेज हिल रही है उसकी वजह से मैं नहीं हिल रहा बल्कि मैं
केवलज्ञानी का देखना दर्पण में दिखनेे जैसा है। दर्पण में अगर मेरी इमेज हिल रही है उसकी वजह से मैं नहीं हिल रहा बल्कि मैं
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