Category: डायरी
व्यवहार / निश्चय
शुरू में व्यवहार अंत में निश्चय। एक बच्चा पिता के साथ मेला गया। बच्चा खिलौने के लिए जिद कर रहा था। थोड़ी देर में पिता
कर भला हो भला
शिष्य… गुरुजी ! मकान की बहुत परेशानी है। कुछ तरकीब बताएँ। गुरु… एक घड़ा टेढ़ा करके पेड़ पर लटका दें। अगली साल तक एक मकान
परेशानियाँ
शिष्य…”गुरु जी! बहुत परेशानियाँ है, नींद भी नहीं आती है, क्या करुँ ?” 100 ऊँट ले जा, जब सब बैठ जाएँ तब सो जाना। वह
स्व-पर कल्याण
आगरा मंदिर के युवा श्री अमित का संस्मरण… जब मैं 17-18 साल का था। मंदिर में एक बूढ़ी माताजी ने मुझसे कहा…”मुझे दिखाई नहीं देता।
जरूरत के चरण
जरूरत के चरण… भूख/ शरीर सम्बन्धित सुरक्षा परिवार/ संगति सम्मान आत्मनिष्ठ/ आत्मजागृति। पूर्व के दर्शन में भगवान राजाओं के पुत्र थे सो चार चरण पहले
सुखों की बढ़ोतरी
संसार में सुख कम हैं/ कम समय के लिए आते हैं। बढ़ाने का उपाय ? माँ का पत्र आए, तुरंत ना खोलें; शुगर की बीमारी
ज्ञान / क्रिया
ज्ञान / क्रिया… श्री आर.के.जैन (कलेक्टर) से पूछा –> आपके पास सबसे ज्यादा शिकायत कौन सी आती हैं ? पत्रकार.. “आप लोगों को समाज की
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