आँख आदि की दवा परिवार में कई लोग डालते हैं। अपनी-अपनी डिब्बी पर निशान बना लेते हैं।
कुछ दिनों में डिब्बियाँ खराब हो जाती हैं, पर हम उनको चलाते रहते हैं। क्योंकि अंदर की शीशीयाँ सबकी एक सी पर महत्वपूर्ण होती हैं।
ऐसे ही आत्मायें सबकी एक सी। शरीर रूपी डिब्बियाँ अलग-अलग ताकि पहचान सकें।

चिंतन

दान…
अकेले में दें तो गुप्त।
समारोह में बताकर ताकि औरों को प्रेरणा मिले, अनुमोदना करने का अवसर मिले और आप निमित्त बनें।

मुनि श्री प्रमाणसागर जी

देहरी के फायदे –>

  • देखकर चलोगे तो कीड़ों की भी रक्षा होगी।
  • बाहर के कीड़े अंदर नहीं आयेंगे।
  • बाहर की -ve Energy अंदर आने से रुकेगी।

अब तो दरवाजों में देहरी होती ही नहीं।

आर्यिका श्री स्वस्तिभूषण माताजी

सृष्टि इन तीनों से ही चलती है। यंत्र, मंत्र हमको मजबूत करते हैं, जंगली पौधे जैसे मुसीबतें झेलता हुआ बढ़ता रहता है।
तंत्र (साधन) कमज़ोर/पराधीन करता है, A. C. का पौधा है, धीरे-धीरे सूखता है।

निर्यापक मुनि श्री सुधासागर जी

धर्म वो नहीं जो संकटों को टाल दे, बल्कि वो जो संकटों में सम्हाल ले।
देखा जाय तो धर्मात्माओं पर संकट आते तो है पर उनको छूते नहीं। क्योंकि संकट तो शरीर पर आते हैं और धर्मात्मा अपने आपको शरीर मानते नहीं, अपने को आत्मा ही मानते हैं।

मुनि श्री प्रमाणसागर जी

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April 8, 2022

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