Month: July 2025

संसार की उपयोगिता

संसार की एक उपयोगिता यह भी है कि यहाँ सुख का Taste/ पहचान हो जाती है (सुखाभास के रूप में)। तभी तो असली/ Permanent/ अनन्त

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औदारिक शरीर

निगोदिया जीव एक शरीर में अनंत काल तक रहते हैं तो क्या शरीर की भी आयु अनंत तक रहेगी ? योगेंद्र औदारिक शरीर की उत्कृष्ट

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बुद्धि

कर्तृत्व, भोक्तृत्व तथा स्वामित्व भावों से बुद्धि भ्रष्ट होती है। आचार्य श्री विद्यासागर जी

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Lack of confidence

Lack of confidence के कारण ? हो पायेगा (भविष्य का भय) ! या हो गया था (भूत के दुखद अनुभव) यही हमारी गाथा है, आत्मविश्वास

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जरा

जरा यानी बुढ़ापा, आचार्य श्री कुंदकुंद स्वामी ने व्याधि (रोग) को जरा के अलावा कहा है। आर्यिका श्री अर्हम् श्री माताजी

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संक्रांति

मकर-संक्रांति तो सर्दियों में आती है, जब सूर्य सबसे दूर रहता है। यदि इस दिन चक्रवर्ती सूर्य में जिन-मंदिर के दर्शन करता होता तो हर

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धैर्य / आलस

धैर्य, क्षमतानुसार पुरुषार्थ करके बिना विकल्प के फल का इंतज़ार करना। क्षमतानुसार पुरुषार्थ न करके फल का इंतज़ार करना, आलस होता है। मुनि श्री प्रमाणसागर

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देवियों में विक्रिया

जब देवियों में विक्रिया शक्ति है तो हर देव की कम से कम 32 देवियों के होने का क्या औचित्य है ? योगेंद्र वैभव की

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निरीहता

आचार्य श्री विद्यासागर जी से किसी गृहस्थ ने कहा… हम तो श्रावक हैं, आपके दर्शन करते समय भी कुछ अपेक्षाएं रखते हैं। पर आपकी निरीहता

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मंगल आशीष

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July 22, 2025