Day: August 28, 2025
अनेकांत
August 28, 2025
सत्य अनेकांत नहीं, अनेकांत सत्य है। क्योंकि जो आज असत्य है वह कल सत्य हो सकता है, यहाँ नहीं तो कहीं और सत्य होगा। मुनि
उत्तम क्षमा
August 28, 2025
जो नज़रें झुकाए चलते हैं, दुनिया उनको नज़रें उठाए देखती है जैसे आचार्य श्री विद्यासागर जी जब हावड़ा ब्रिज से निकल रहे थे उनकी नज़रें
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