Month: August 2025
संज्ञी / असंज्ञी
संज्ञी बनकर आए थे, असंज्ञी बनकर जिओ। मनमाना न करके, मन का कम से कम उपयोग करो/ मन को मनाने का प्रयत्न करो। मुनि श्री
विचार
प्रगति में महत्त्वपूर्ण अवरोध, पूर्व के मूढ़ता वाले विचार होते हैं। उनसे हम डिगना/छोड़ना नहीं चाहते हैं। जब तक उनकी तेरहवीं नहीं करेंगे तब तक
प्रभाव
द्रव्य, क्षेत्र, काल और भाव का आपस में प्रभाव 16 प्रकार से होता है। आर्यिका अर्हमश्री माताजी
कषाय
कषाय* की कसाहट अंदर ज्यादा होती है, बाहर कम दिखती। कषाय की सफाई कठिन है, उसके लिए साफ सुथरा स्थान रखना होगा जहाँ उसकी सम्मूर्छनों*
रक्षा दिवस
आज के दिन को “रक्षा-दिवस” के रूप में मानना चाहिए क्योंकि आज 700 मुनिराजों के ऊपर घोर उपसर्ग को दूर करने के लिए मुनि विष्णु
प्रातिहार्य / मंगल
भगवान के लिये, उनके अतिशय से भी प्रातिहार्यों का महत्व ऊपर होता है इसलिए इनको वेदी में ऊपर स्थान मिलता है जबकि 8 मंगल, मूर्ति
वात दोष
आजकल सबसे महत्वपूर्ण और सबसे आम… वायु की समस्या है। इसके कारण… असमय भोजन करना। व्यर्थ की और अधिक बातें करना। सोने और उठने का
वास्तु
क्या वास्तु को मानना मिथ्यात्व है ? वास्तु सम्यक्त्व या मिथ्यात्व का विषय ही नहीं है। क्योंकि यह देव, शास्त्र, गुरु का आयतन नहीं है।
गुरु-शरण
“जब कोई नहीं आता मेरे गुरुवर आते हैं, मेरे दुःख के दिनों में वे बड़े काम आते हैं..” पर हर समय तो गुरु रहते नहीं
कुभोगभूमि
कुभोगभूमि और भोगभूमि में शरीर के अंतर के अलावा कल्पवृक्ष होने व न होने का भी फ़र्क होता है। इससे भोजन के अलावा आभूषणादि भोगभूमि
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