दया तो आत्मा का स्वभाव है, हर जीव में पाया जाता है, अपने बच्चों के प्रति हिंसक जानवरों तक में।
जैसे-जैसे आत्मा विशुद्ध होती जाती है, पहले मनुष्यों पर दया, फिर जानवरों, कीड़े मकोड़ों, अंत में सूक्ष्म जीवों पर भी।
चिंतन
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दया को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए सभी जीवों पर दया का भाव रखना परम आवश्यक है।
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दया को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए सभी जीवों पर दया का भाव रखना परम आवश्यक है।