बहुलता
पौधे कम खाद देने पर कम मरते हैं, ज्यादा खाद देने पर ज्यादा।
शरीर/ संसार के लिये Excess ज्यादा हानिकारक है।
मुनि श्री मंगलानन्द सागर जी
पौधे कम खाद देने पर कम मरते हैं, ज्यादा खाद देने पर ज्यादा।
शरीर/ संसार के लिये Excess ज्यादा हानिकारक है।
मुनि श्री मंगलानन्द सागर जी
One Response
बहुलता को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए बहुलता से बचना परम आवश्यक है। अतः शरीर हो या संसारिक कार्यों में अधिकता न होते हुए सिर्फ आवश्यकता अनुसार उपयोग करना चाहिए।