सभ्यता / संस्कार
सभ्यता जो सबके सामने दर्शायी जाए। जो प्राय: सभी लोग अच्छे से निभा लेते हैं।
संस्कार अकेले में पता लगते हैं। जो आपका असली व्यवहार/ चेहरा होता है। इसे चरित्र भी कहते हैं।
मुनि श्री सौम्य सागर जी (प्रवचन- 20 फ़रवरी)
सभ्यता जो सबके सामने दर्शायी जाए। जो प्राय: सभी लोग अच्छे से निभा लेते हैं।
संस्कार अकेले में पता लगते हैं। जो आपका असली व्यवहार/ चेहरा होता है। इसे चरित्र भी कहते हैं।
मुनि श्री सौम्य सागर जी (प्रवचन- 20 फ़रवरी)
One Response
सभ्यता एवं संस्कार को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए संस्कार होना परम आवश्यक है।