सुख/दुःख को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण हेतु सुख दुःख में समता भाव रखना परम आवश्यक है। Reply
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सुख/दुःख को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण हेतु सुख दुःख में समता भाव रखना परम आवश्यक है।
Very true ! Namostu Gurudev !