ज्ञान
टार्च तभी प्रयोग में लेते हैं जब जरूरत हो, बाकि समय बंद कर देते हैं ।
ज्ञान बाह्य वस्तुओं को जानने/देखने के लिये नहीं,
शांत रहने के लिये होता है ।
आचार्य श्री विद्यासागर जी
टार्च तभी प्रयोग में लेते हैं जब जरूरत हो, बाकि समय बंद कर देते हैं ।
ज्ञान बाह्य वस्तुओं को जानने/देखने के लिये नहीं,
शांत रहने के लिये होता है ।
आचार्य श्री विद्यासागर जी
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One Response
उक्त कथन सत्य है कि टार्च तभी प़योग में लेते हैं जब जरुरत हो, बाकी समय बंद कर देते हैं।इसी प्रकार ज्ञान ब़ाम्ह वस्तुओं को जानने और देखने के लिए नहीं बल्कि शांत रहने के लिए होता है।