दौलत
दो लात मारे वह दौलत ।
जब दौलत आती है तब सीने पर लात मारती है, सीना फूल जाता है ।
जब जाती है तब पीठ पर लात मारती है, कमर झुक जाती है ।
मुनिश्री क्षमा सागर जी
दो लात मारे वह दौलत ।
जब दौलत आती है तब सीने पर लात मारती है, सीना फूल जाता है ।
जब जाती है तब पीठ पर लात मारती है, कमर झुक जाती है ।
मुनिश्री क्षमा सागर जी
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3 Responses
Hari Bol.
So let us keep a safe distance from DAULAT & not become very close friend of DAULAT.
Hari Bol.
True…fully agree…
Bahut hi zaroori or satya baat batayi hai guruji ne…jai jai gurudev.