मुनि
मुनि को हाथी की संज्ञा दी जा सकती है। हाथी को महावत नियंत्रित करता है, मुनि को महाव्रत। नियंत्रित करने वाला अंकुश यदि गिर जाता है तो हाथी ख़ुद उठकर महावत को दे देता है। ऐसे ही मुनि ख़ुद कठोर प्रायश्चित लेकर अपने को नियंत्रित करते हैं।
आचार्य श्री विद्यासागर जी



