मूर्ति
भगवान की मूर्ति… निरखों अंग-अंग जिनवर के, इनमें झलके शांति अपार।
अलग-अलग अंगों का अपना-अपना प्रभाव होता है, उनसे अलग-अलग एनर्जी मिलती है।
अलग-अलग समय पर दर्शनों का भी प्रभाव अलग-अलग होता है।
निर्यापक मुनि श्री सुधासागर जी
भगवान की मूर्ति… निरखों अंग-अंग जिनवर के, इनमें झलके शांति अपार।
अलग-अलग अंगों का अपना-अपना प्रभाव होता है, उनसे अलग-अलग एनर्जी मिलती है।
अलग-अलग समय पर दर्शनों का भी प्रभाव अलग-अलग होता है।
निर्यापक मुनि श्री सुधासागर जी