Day: June 7, 2025

ऐलक जी

ऐलक जी को संबोधन/ सम्मान “इच्छाकार” कह कर करना चाहिए। मुनि श्री मंगलानंद सागर जी

Read More »

ग्रहण/ त्याग

इंद्रियों आदि के कार्य… सिर्फ़ ग्रहण करते हैं… कान, आँख, नाक, रसना, स्पर्श इंद्रियां, माथा(आशीर्वाद), पैर (मंजिल) सिर्फ़ त्याग करते हैं… फेफड़े (गंदी हवा) ग्रहण

Read More »

मंगल आशीष

Archives

Archives
Recent Comments

June 7, 2025