Day: June 12, 2025

रागी / वीतरागी

वीतरागी रागी को अपना जैसा बना सकते हैं जबकि रागी वीतरागी को नहीं। कहा है “वंदे सदगुण लब्धये” (वंदना उसकी करो जिसके गुण पाना चाहते

Read More »

परोपकार

एक दीपक दूसरे को प्रकाशित करते समय अपनी बाती/ घी/ प्रकाश नहीं देता फ़िर भी दूसरा प्रकाशित हो जाता है/ उसके जीवन से अंधकार समाप्त

Read More »

मंगल आशीष

Archives

Archives
Recent Comments

June 12, 2025