Day: June 19, 2025
विसंयोजना / उद्वेलना
June 19, 2025
विसंयोजना अनंतानुबंधी की ही, यह नरक में भी हो सकती है। इसमें 6-7 गुणस्थान से भी असंख्यातगुणी निर्जरा उस समय होती है जब विसंयोजना चल
कषाय
June 19, 2025
क्रोध प्रीति को नष्ट करता है। मान, विनय को। माया, मैत्री, लोभ, सर्व विनाशक है। क्षुल्लक श्री जिनेंद्रवर्णी जी (शांतिपथ प्रदर्शक)
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