Day: June 23, 2025
मोहनीय
June 23, 2025
मोहनीय कर्म दो प्रकार का होता है: 1) श्रद्धा-रूप/दर्शन-मोहनीय- विपरीत धारणा वाला, जैसे यह मान लेना कि भोगों में ही सुख है। 2) प्रवृत्ति-रूप/चारित्र-मोहनीय। कर्म
वैराग्य
June 23, 2025
कहा है कि संसार को देखकर वैराग्य होता है पर हमको हो क्यों नहीं रहा ? क्योंकि हम संसार में रूप देखते हैं जिससे राग
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