Month: June 2025

Thinking

Positive Thinking…जैसे आशीर्वाद मिलेगा ही। सोच को बदलते रहना चाहिए।अस्थाई। अपेक्षा सहित। Real Thinking…….जैसे गुरुओं/ बड़ों को नमस्कार हमेशा करूंगा, आशीर्वाद मिल भी सकता है

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णमोकार / तप

णमोकार जपने से पुण्यबंध + निर्जरा। तप से सिर्फ़ निर्जरा। निर्यापक मुनि श्री सुधासागर जी

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धन प्राप्ति

धन प्राप्ति पुण्योदय से नहीं, कर्मों के क्षयोपशम से होती है। धन का प्रयोग भी कर्मों (लाभांतराय तथा भोगांतराय) के क्षयोपशम से। मुनि श्री सौम्य

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मुक्ति

मुक्ति के दो प्रकार – रस्सियों (कर्मों की) को तोड़कर भागना। इसके लिए बलशाली होना पड़ेगा। जितने कर्म बंध रहे हैं, उससे ज्यादा तोड़ें। नयी

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स्त्री पर्याय

स्त्री पर्याय को छेदन करने का एक और तरीका है…धर्म की ओर एकाग्र हो जायें तो मायाचारी कम होती चली जाएगी। मुनि श्री सौम्य सागर

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कमाई / दान

उच्छवास/ Inhale – श्वास अंदर लेना। प्राण/ अपान/ श्वास/ Exhale – बाहर निकालना। श्वास अंदर लेते हैं तो बाहर भी निकालना ज़रूरी है, अन्यथा प्राण

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आगम – विज्ञान

श्री राजवार्तिक में आचार्य श्री अकलंक स्वामी ने 1400-1500 साल पहले लिखा था → “शब्द पौद्गलिक है इसलिये उनका संग्रह किया जा सकता है।” आज

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विश्वसनीय

सबसे बड़ा विश्वसनीय कौन ? जो अच्छे और बुरे की जिम्मेदारी खु़द लेते हों और इसमें अग्रणी हैं, मुनिराज। जो अनजाने में हुई गलतियों के

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संज्ञी

आचार्य श्री विद्यासागर की तत्त्वार्थसूत्र(दूसरे अध्याय) की व्याख्या करते हुए कहते थे… संज्ञी मन सहित होते हैं लेकिन सब मन वाले संज्ञी नहीं होते जैसे

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मोक्षमार्ग

मोक्षमार्ग में…. कारण …बीज/ संसार। पेड़ पौधे तक कारण हैं क्योंकि वे हमें संसार में जिंदा रखने में सहायक है। इसलिये उनके प्रति उदार-चित्त रखना

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मंगल आशीष

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June 5, 2025