अंतरंग यात्रा
गाड़ी जब रिवर्स में जाती है तब गति तो कम पर सावधानी ज़्यादा रखनी पड़ती है।
ऐसे ही बाहर से अंदर की यात्रा करते समय गति तो कम पर सावधानी बहुत रखनी चाहिए।
आचार्य श्री विद्यासागर जी
गाड़ी जब रिवर्स में जाती है तब गति तो कम पर सावधानी ज़्यादा रखनी पड़ती है।
ऐसे ही बाहर से अंदर की यात्रा करते समय गति तो कम पर सावधानी बहुत रखनी चाहिए।
आचार्य श्री विद्यासागर जी
One Response
आचार्य श्री विद्यासागर महाराज जी ने अंतरंग यात्रा का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः आत्म कल्याण हेतु अंतरंग यात्रा करना परम आवश्यक है। उपरोक्त यात्रा कठिन हो सकती है, इसमें सावधानी रखना परम आवश्यक है।