Day: June 8, 2026

श्रमण

श्रवण करके जो तप (अंतरंग) करें, वो श्रमण। मुनि श्री प्रणम्यसागर जी

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राग / मोह

राग –> हिलमिल कर रहना। मोह –> उनके बिना न रह पाना। मुनि श्री प्रमाणसागर जी

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मंगल आशीष

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June 8, 2026