असत्य एवं मिथात्य को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए मिथात्य से बचना परम आवश्यक है। Reply
4 Responses
असत्य एवं मिथात्य को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए मिथात्य से बचना परम आवश्यक है।
नकली देवों ka example denge, please ?
किसी भी पत्थर को रंग कर पूजन शुरू कर देना — मुनि श्री सौम्य सागर।
Okay.