कार्मण शरीर है क्या, कर्मों का समूह। एक कर्म अधिक से अधिक कितना, 70 कोड़ा कोड़ी सागर। लेकिन कर्म तो बंधते ही रहते हैं लगातार। अनेक कर्मों की अपेक्षा अनादि से अनंत, भव्य जीव का अनादि से सांत। Reply
4 Responses
कार्मण शरीर को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है।
Isko thoda aur explain karenge, please ?
कार्मण शरीर है क्या, कर्मों का समूह। एक कर्म अधिक से अधिक कितना, 70 कोड़ा कोड़ी सागर। लेकिन कर्म तो बंधते ही रहते हैं लगातार। अनेक कर्मों की अपेक्षा अनादि से अनंत, भव्य जीव का अनादि से सांत।
Okay.