दरार

बादलों में जरा सी दरार पड़ जाए तो बादल फट जाते हैं, सर्वनाश कर देते हैं।
बच्चों से अपेक्षाएं/ बच्चों को सराहना की चाहत, दरार की शुरुआत है जैसे एक बार गलत बटन लगाने की शुरुआत हो गई तो अंत में एक होल बाकी रह ही जाता है जो बादल फटने के लिए पर्याप्त होता है।

मुनि श्री सौम्य सागर जी (प्रवचन – 29 जुलाई)

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4 Responses

  1. दरार का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए कभी भी दरार आना नहीं चाहिए क्योंकि यह जीवन बर्बाद कर सकता हैं।

  2. बच्चों से अपेक्षाएं/ बच्चों को सराहना की चाहत, दरार की शुरुआत kaise है ? Ise clarify karenge,
    please ?

    1. बच्चों से अपेक्षाएं करोगे तो उनके मन में आपके प्रति सम्मान कम होगा ना !
      ऐसे ही जब बच्चे हर बात पर सराहना चाहेंगे और जब नहीं मिलेगी तो भी दरार पड़ेगी।

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