धार्मिक क्रियायें
टीवी आदि के निमित्त से धर्म खूब हो रहा है,
तो धर्म का ह्रास कैसे और क्यों कहा ?
जितनी धार्मिक क्रियायें हो रही हैं,
उनसे बहुत ज्यादा पाप क्रियायें हो रही हैं।
मुनि श्री प्रमाणसागर जी
टीवी आदि के निमित्त से धर्म खूब हो रहा है,
तो धर्म का ह्रास कैसे और क्यों कहा ?
जितनी धार्मिक क्रियायें हो रही हैं,
उनसे बहुत ज्यादा पाप क्रियायें हो रही हैं।
मुनि श्री प्रमाणसागर जी
2 Responses
धार्मिक क़ियायें का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए धार्मिक क़ियायें विशुद्ध भाव रखना एवं उसका महत्व समझकर ही करना परम आवश्यक है, ताकि उसका उचित परिणाम मिल सकता है। पापों से बचना भी आवश्यक है।
Very true ! Gurudev ke charno me shat shat naman !