पढ़ाई
ज्यादा पढ़े तो घर से जाये,
कम पढ़े तो हल* से जाए।
*खेती के काम के नहीं, ज्ञान बिना खेती कैसे होगी !
निर्यापक मुनि श्री सुधासागर जी
ज्यादा पढ़े तो घर से जाये,
कम पढ़े तो हल* से जाए।
*खेती के काम के नहीं, ज्ञान बिना खेती कैसे होगी !
निर्यापक मुनि श्री सुधासागर जी
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One Response
पढ़ाई का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए पढ़ाई करके घर पर रहना परम आवश्यक है। जबकि कम पढ़ने पर खेती का कार्य करना परम आवश्यक है। जैनियों को नोकरी से बचना परम आवश्यक है।