एक प्रसिद्ध फ़िल्म में डाकुओं के सरदार ने तीन डाकुओं को गोली मारी पर तीनों बच गये, तीनों बहुत खुश हुए। अचानक सरदार ने तीनों को गोली मार दी।
हम भी श्रद्धा, ज्ञान, चारित्र बढ़ाने वाली क्रियाओं से बच कर खुश होते हैं पर कर्म रूपी सरदार जब धराशायी करेगा तब !