किसी को सबक सिखाने की जिद ना करें,
क्योंकि सबक सिखाए नहीं जाते, सीखे जाते हैं।
(सुरेश जैन – इंदौर)
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सबक को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन में सबक सिखाना चाहता है, उसी को सिखाना आवश्यक है।सबक सिखाने के लिए ज़बरदस्ती करना उचित नहीं है।सबक के लिए किसी भी तरह प्रेम से समझाया जा सकता है।
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सबक को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन में सबक सिखाना चाहता है, उसी को सिखाना आवश्यक है।सबक सिखाने के लिए ज़बरदस्ती करना उचित नहीं है।सबक के लिए किसी भी तरह प्रेम से समझाया जा सकता है।