एक प्रसिद्ध किताब Appearance and Reality by F. H. Bradley में कहा है कि आभास ( आ = आना + भास = चमक/ मिथ्या) और सत् (Existence) में बहुत अंतर है जैसे दूर से सीप मोती लगती है, मृगमरीचिकादि।
सत् इंद्रिय प्रत्यक्ष नहीं, अनुभव प्रत्यक्ष होता है।
ब्र. डॉ. नीलेश भैया
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ब़ डा़ नीलेश भैया जी ने आभास एवं सत् को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है।
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ब़ डा़ नीलेश भैया जी ने आभास एवं सत् को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है।