डायरी
डायरी के तीन पन्ने महत्वपूर्ण…आज (वर्तमान), पिछला
(निकट) भूत, अगला (निकट) भविष्य।
बहुत पीछे से बस सीख लें।
बहुत आगे की चिंता ना करें वरना मारीच की तरह तीर्थंकर बनने की संभावना से घमंड आने पर दुर्गति ना हो जाए!
भूत से सीख ले, भविष्य की चिंता छोड़, वर्तमान में प्रसन्न और संतुष्ट रहना सीखें।
चिंतन




One Response
डायरी का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है। जीवन में पिछली बातों से अनुभव लेना आवश्यक है। इसके अतिरिक्त जीवन में वर्तमान को धर्म से जुड़कर आगे बढ़ने का प़यास करना परम आवश्यक है। जीवन में भविष्य की चिंता करना उचित नहीं होगा।