निंदा / पूजा
निंदा के साथ पूजा करना, स्वनिंदा बिना पूजा से कम महत्वपूर्ण है। स्वनिंदा से कर्मों का नाश होता है।
कहा जाता है –> परनिंदा करने वाले परिंदे बनते हैं।
आर्यिका अर्हम्श्री माताजी
निंदा के साथ पूजा करना, स्वनिंदा बिना पूजा से कम महत्वपूर्ण है। स्वनिंदा से कर्मों का नाश होता है।
कहा जाता है –> परनिंदा करने वाले परिंदे बनते हैं।
आर्यिका अर्हम्श्री माताजी
One Response
निंदा एवं पूजा का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः पूजा के लिए परनिदा न करते हुए स्वनिदां करना परम आवश्यक है।