मंगलाचरण
मंगलाचरण में 6अधिकार (चीजें) होती हैं…
जैसे द्रव्यसंग्रह के मंगलाचरण में…
- मंगल…जो पुण्य ले आए/ पापों को गलाये। यहाँ श्री ऋषभदेव भगवान का नाम।
- निमित्त…क्यों लिखा (जीवादि का कथन करने)।
- हेतु…आज्ञा निर्वहन।
- परिमाण…58 कारिका।
- नाम…श्री द्रव्यसंग्रह।
- कर्ता…आचार्य श्री नेमिचंद सिद्धांत चक्रवर्ती।
(निलेश भैया – सांगानेर)



