विचार
सोते समय विचार ज्यादा आते हैं/ सताते हैं, ऐसा क्यों ?
पूरे दिन चाबी भरोगे तो रात को अलार्म बजेगा ही। चीजों/ घटनाओं को ज्यादा ममत्व (महत्व) दोगे तो जोर से बजेगा, ज्यादा Disturb करेगा।
निर्यापक मुनि श्री सुधासागर जी
सोते समय विचार ज्यादा आते हैं/ सताते हैं, ऐसा क्यों ?
पूरे दिन चाबी भरोगे तो रात को अलार्म बजेगा ही। चीजों/ घटनाओं को ज्यादा ममत्व (महत्व) दोगे तो जोर से बजेगा, ज्यादा Disturb करेगा।
निर्यापक मुनि श्री सुधासागर जी
2 Responses
विचार का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण हेतु आत्मा को पवित्र एवं विशुद्ध भावनाओं का प़यास करना परम आवश्यक है। जीवन में ममत्व के विचार करने से बचना चाहिए।
Bahut hi acche example se maharajshri ne samjha diya! Pujya Gurudev ji ke charnon me shat shat naman !