पुण्य से वैभव मिलता है, जमा होने पर परिग्रह/पाप रूप कैसे हो जाता है?
वैभव पुण्य कर्म-फल है। जमा करने पर उससे मोह हो जाता है सो पाप रूप हो जाता है।
ज़रूरत से ज्यादा कमायें नहीं, साथ-साथ दान करते रहें ताकि मोह उत्पन्न न होने पाये।
मुनि श्री प्रणम्यसागर जी (शंका समाधान – 22.09.23)
Share this on...
One Response
वैभव का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए पुण्य से जब अर्जित होता है, लेकिन उस पुण्य का उपयोग करने पर मोह के कारण पाप में परिवर्तन हो जाता है। इससे बचना परम आवश्यक है।
One Response
वैभव का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए पुण्य से जब अर्जित होता है, लेकिन उस पुण्य का उपयोग करने पर मोह के कारण पाप में परिवर्तन हो जाता है। इससे बचना परम आवश्यक है।