अंतरजातीय विवाह
खून चढ़ाने से पहले ग्रुप मिलाया जाता है तभी जीवन की रक्षा होती है ।
अंतरजातीय विवाह में भी यदि संस्कार/संस्कृति मिलाली जांय तभी संस्कार/संस्कृति की रक्षा हो पायेगी ।
मुनि श्री प्रमाणसागर जी
खून चढ़ाने से पहले ग्रुप मिलाया जाता है तभी जीवन की रक्षा होती है ।
अंतरजातीय विवाह में भी यदि संस्कार/संस्कृति मिलाली जांय तभी संस्कार/संस्कृति की रक्षा हो पायेगी ।
मुनि श्री प्रमाणसागर जी
| M | T | W | T | F | S | S |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 1 | ||||||
| 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 |
| 9 | 10 | 11 | 12 | 13 | 14 | 15 |
| 16 | 17 | 18 | 19 | 20 | 21 | 22 |
| 23 | 24 | 25 | 26 | 27 | 28 | 29 |
| 30 | 31 | |||||
One Response
आजकल अंतर्जातीय विवाह पाश्चात्य संस्कृति के कारण होने लगे हैं, जिसके कारण उक्त विवाह में तलाक आदि अधिक होने लगे हैं, अतः इस प्रकार के विवाह उचित नहीं है। अतः जैन धर्म के अनुसार संस्कार और संस्कृति का महत्व दिया गया है, जिसके कारण संस्कृति की रक्षा हो सकती है।