अंतराय
आचार्य श्री विद्यासागर जी से प्रश्न किया कितने लोग मुनिराजों के चतुर्मास के लिए प्रयास करते हैं, पहले से घोषणा कर दी जाए तो उनके लिए सुविधाजनक होगा ?
आचार्य श्री …इतने लोग, इतने दिनों तक जो पुण्य लाभ करते हैं, उसमें व्यवधान क्यों डालना चाहते हैं ?
इसी तरह, जिन स्थानों पर मुनिराज होते हैं वहाँ बहुत सारे लोग शुद्ध भोजन बना कर चौके लगाना चाहते हैं, उसमें आप अंतराय क्यों डालना चाहते हैं ?
निर्यापक मुनि श्री सुधा सागर जी (प्रवचन – 5 मार्च ’24)




One Response
अंतराय का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए कमसे कम साधुओं को अंतराय नहीँ आना चाहिए।