आभामंडल
हर जीवित और अजीवित वस्तु का अपना-अपना आभामंडल होता है (इलेक्ट्रोमैग्नेटिक/ इलेक्ट्रोडायनेमिक)।
यही अनुभव कराता है व्यक्तियों के साथ सकारात्मक/ नकारात्मक फीलिंग। इसमें कर्मसिद्धांत/ विज्ञान तथा मनोविज्ञान भी काम करता है।
यह आदमी के सिर के आसपास तथा पूरे शरीर में भी विद्यमान होता है।
उसकी अलग-अलग रेंज भी होती है जैसे स्वस्थ मनुष्य यदि निर्मल परिणाम वाला है तो 20 से 25 फीट रेंज होगी। मुनिराजों की 40-50 फीट तथा उससे भी अधिक।
मुनि श्री सौम्य सागर जी (प्रवचन – 13 जून)




One Response
आभामंडल का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है।