पूर्व से लेकर आयी हुई आयु को क्या हम बढ़ा सकते हैं?
नहीं, किंतु घटा जरूर सकते हैं, जैसे तिजोरी में रखा धन बढ़ नहीं सकता, पर लापरवाही बरतने से घट जरूर सकता है।
मुनि श्री सौम्य सागर जी (प्रवचन- 28 अप्रैल)
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आयू को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। आयू के लिए कर्मसिद्धांत पर विश्वास करना परम आवश्यक है।
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आयू को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। आयू के लिए कर्मसिद्धांत पर विश्वास करना परम आवश्यक है।