तीन दिन तक यदि किसी ने पानी भी ना पिया हो पर मिठाई का नाम लेते ही मुँह में पानी पानी हो जाता है।
तो वह पानी कहाँ से आया ?
पूर्व संस्कार/ रसना इंद्रिय के प्रति लोलुपता।
मुनि श्री सौम्य सागर जी (प्रवचन- 22 अप्रैल)
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कषाय को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए कषायो का त्याग करना परम आवश्यक है।
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