काल

आचार्य श्री विद्यासागर जी के पास एक व्यक्ति ने कहा –> मैं काल को नहीं मानता ॥
आचार्य श्री –> फिर घड़ी क्यों पहने हो ?
बदलाव सबमें (मन, वचन, काय) होता है/ परिवर्तन धर्म है। रागद्वेष बदलाव स्वीकार नहीं करता है पर काल स्थिर नहीं रहने देता है।

ब्र. डॉ. नीलेश भैया

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4 Responses

  1. काल का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए काल की प़तीक्षा से दूरी बनाना परम आवश्यक है।

  2. ‘रागद्वेष बदलाव स्वीकार नहीं करता है’; aisa kyun kaha hai ? Ise clarify karenge, please ?

    1. तू अपने लड़के से राग कम करना चाहेगी ?
      पर समय के साथ जब वह बड़ा होगा, काल परिवर्तन से अपने परिवार से राग करने लगेगा, तब तेरा राग कम हो जाएगा।

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