थिंकिंग
मैच्योर/ पॉजिटिव थिंकिंग किस अवस्था में ?
मुनि अवस्था में।
रियलिस्टिक थिंकिंग किस उम्र में ?
ओल्ड/ वृद्धावस्था में। ऐसा व्यक्ति वृद्धाश्रम जाते समय भी कर्मसिद्धांत स्वीकार लेता है।
ऐसा कौन जो वृद्ध भी हो और महान संत भी ?
आचार्य श्री विद्यासागर जी।
मुनि श्री सौम्य सागर जी (प्रवचन – 9 जून)




2 Responses
Thinking का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है। thinking should be positive and matured, this would help every body in their lives.
Beautiful post !Namostu Gurudev !