दान
दान को खर्चे में कभी मत डालना।
खर्चा होने पर लौटकर नहीं आता जबकि दान ब्याज सहित लौटकर आता है/ बीज रूप है।
निर्यापक मुनि श्री सुधासागर जी
दान को खर्चे में कभी मत डालना।
खर्चा होने पर लौटकर नहीं आता जबकि दान ब्याज सहित लौटकर आता है/ बीज रूप है।
निर्यापक मुनि श्री सुधासागर जी
One Response
दान को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए दान करना परम आवश्यक है।