ऊपर से तो गंदा नाला भी सुंदर दिखता है, पास आने पर दुर्गंध/ गंदा;
अंदर उतरने पर स्विमिंग पूल में भी घुटन होने लगती है।
मुनि श्री सौम्य सागर जी (प्रवचन – 18 जून)
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दूर के ढोल सुहावने मुहावरा को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए ऐसा कार्य करना उचित नहीं है जो दूर के ढोल सुहावने लगने लगे। अतः जीवन में उचित कार्य करना परम आवश्यक है।
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दूर के ढोल सुहावने मुहावरा को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए ऐसा कार्य करना उचित नहीं है जो दूर के ढोल सुहावने लगने लगे। अतः जीवन में उचित कार्य करना परम आवश्यक है।