देव अगले भव में अग्नि और वायुकायिक जीवों में जन्म नहीं लेते।
कारण ?
अग्नि और वायुकायिक जीवों में विक्रिया करने की शक्ति होती है जबकि वैक्रियक शरीर वाले वैक्रियक शरीर में जन्म नहीं लेते।
मुनि श्री सौम्य सागर जी (जीवकांड – 9 मई)
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देवों की गति को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है।
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देवों की गति को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है।