धर्म / शर्म
धर्म में शर्म कैसी ?
जब पापी दुनिया की शर्म ना करके, पाप नहीं छोड़ते तो धर्मात्मा धर्म क्यों छोड़ें !
मुनि श्री सुधासागर जी
धर्म में शर्म कैसी ?
जब पापी दुनिया की शर्म ना करके, पाप नहीं छोड़ते तो धर्मात्मा धर्म क्यों छोड़ें !
मुनि श्री सुधासागर जी
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One Response
उपरोक्त कथन सत्य है कि धर्म में क्यों शर्म करना चाहिए क्योंकि जो लोग पाप करने में शर्म नहीं करते हैं वह पाप के भागी होते हैं। अतः धर्म करने वालों को तो शर्म करना नहीं चाहिए। धर्म करने पर पुण्य की प्राप्ति होती है। पाप करने वालों को शर्म करना चाहिए ताकि धर्म की ओर अग्रसर हो सकते हैं।