परवशता ही नरक है,
चाहे अच्छे काम करते समय की परवशता हो जैसे श्रेणिक महाराज नरक में भी लगातार तीर्थंकर प्रकृति का बंध कर रहे हैं, लेकिन परवशता में। क्या उसमें आनंद आ रहा होगा !
मुनि श्री सौम्य सागर जी (प्रवचन- 27 अप्रैल)
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4 Responses
नरक क्या का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए नरक जाने से बचना परम आवश्यक है।
ट्रेन स्टार्ट करने में बहुत एनर्जी लगती है एकदफा शुरू हो जाए फिर बहुत कम एनर्जी में भी वो चलती रहती है।
महाराज जी ने भी शायद कुछ ऐसा ही जवाब तुम्हारे प्रश्न का दिया था।
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नरक क्या का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए नरक जाने से बचना परम आवश्यक है।
श्रेणिक महाराज, नरक में, परवशता में तीर्थंकर प्रकृति का बंध kaise कर रहे हैं ? Can this be explained a little more in detail, please ?
ट्रेन स्टार्ट करने में बहुत एनर्जी लगती है एकदफा शुरू हो जाए फिर बहुत कम एनर्जी में भी वो चलती रहती है।
महाराज जी ने भी शायद कुछ ऐसा ही जवाब तुम्हारे प्रश्न का दिया था।
Okay.