कारण परमात्मा…. बीज/ संसार/ बिंदु। इसलिये संसार भी आदरणीय, यहाँ तक पेड़ादि भी क्योंकि वे मनुष्य की वंशवृद्धि में सहायक हैं। इसके लिये उदार चित्त होना आवश्यक है।
कार्य परमात्मा…. फल/ भगवान/ सिंधु।
ब्र. डॉ. नीलेश भैया
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4 Responses
परमात्मा का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए अपनी आत्मा से परमात्मा बनने का प़यास करना परम आवश्यक है।
Can the following be clarified please:
1) पेड़ादि मनुष्य की वंशवृद्धि में kaise सहायक हैं ?
2) Kiske लिये उदार चित्त होना आवश्यक है ?
3) संसार, भगवान banane me kaise kaaran hai ?
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परमात्मा का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए अपनी आत्मा से परमात्मा बनने का प़यास करना परम आवश्यक है।
Can the following be clarified please:
1) पेड़ादि मनुष्य की वंशवृद्धि में kaise सहायक हैं ?
2) Kiske लिये उदार चित्त होना आवश्यक है ?
3) संसार, भगवान banane me kaise kaaran hai ?
1) पेड़ों से खाद्य पदार्थ, ऑक्सीजन मिलती है।
2) पेड़ आदि के प्रति।
3) भगवान संसार के थ्रू ही तो जाते हैं, डायरेक्ट कैसे चले जाएंगे!
Okay.